श्री कृष्ण के पावन जन्मभूमि मथुरा की यात्रा | Mathura Tourist Places in Hindi

जय श्री राम मित्रो | यात्रा 99 में आपका स्वागत है | आज की पोस्ट में हम आपको भगवान् श्री कृष्णा की जन्मभूमि मथुरा नगरी की यात्रा (Mathura Tourist Places in Hindi) की जानकारी देने जा रहे हैं | जैसा की आप जानते हैं की हम सब भारतवासी को जो एक दूसरे को बांधे कर रखता है | जो हमें मानवता का एहसास दिलाता है | जो एक मनुष्य के प्रति दूसरे मनुष्य के लिये सदभावना रखता हैं | जो हमे एक धर्म में रहकर मानवता की सीख देता है | वो है हिन्दू धर्म । और सब भारतीय वासी हिन्दू धर्म में भगवान को माना जाता है, उनकी पूजा की जाती है, उनके नाम का जाप किया जाता है | ताकि हमें मनुष्य के रूप से शांति से मोक्ष मिल सके।इसके लिये लोग भगवान के दर्शन करने उनके दरबार में जाते हैं । हमारे भारत  में  बहुत से ऐसी जगह हैं जहाँ लोग भगवान के दर्शन करने जाते है और वो है श्री कृष्ण की जन्मभूमि मथुरा । आज हम आपको बतायेंगे की लोग क्यों मथुरा जाते हैं श्री कृष्णा के दर्शन के लिये। मथुरा जाने का सही समय (mathura temperature), मथुरा के आस पास देखे जाने वाले पौराणिक स्थल (mathura temples) आदि |

यात्रा का इतिहास | Mathura History in Hindi

उत्तर प्रदेश में यमुना नदी के किनारे बसी भगवान श्री कृष्ण की जन्मभूमि मथुरा की गणना मोक्ष देने वाली सात पीढ़ियों में करी गयी है |भगवान विष्णु ने इसे अपना सर्वाधिक प्रिय क्षेत्र बताया है | जिस प्रकार काशी में प्रमुख रूप से शिव की पूजा होती है | उसी प्रकार मथुरा भी विष्णु का पूजनीय स्थल है |  मथुरा के निकट ही मधुवन में पहले असु, मधु और लवण का शासन था | इसी मधू के नाम पर मधुर या मधुर्पूर या मधुवन नगरी बसी । ऐसा कहा जाता है की तीर्थ स्थल पर किया पाप अमृत होता है, परंतु इसके विपरीत ही मथुरा में किया पाप मथुरा में ही नष्ट हो जाता है और यही इस तीर्थ स्थल की महानता है ।

इस संबंध में निम्न दो कथायें प्रसिध्द है, मथुरा के निकट मधूवन में पहले असुर, मधू और लवण का शासन था | आसपास के क्षेत्र में इनका भारी उत्पात था | भगवान राम के छोटे भ्राता शत्रुघ्न ने लवण को मारकर इस नगरी को असुरों से मुक्त कराया । पुराणों में विधिवंस के इतिहास के अनुसार अन्धक की वंश्जा देवकी और विष्णु के वंशज वासुदेव से जिनका पुत्र हुआ वो नारायण के अवतार भगवान श्री कृष्ण थे | तथा इसीलिए इसे श्री कृष्ण के जन्मभूमि माना जाता है | मनु के पौत्र ध्रुव का जन्म इसी स्थल पर भगवत साक्षात्कार का तप करके हुआ था | मथुरा एक प्राचीन नगर है और इसकी मान्यताएं भी प्राचीन है आज भी यहाँ के घर और मंदिर प्राचीन सभ्यता से प्रेरित है |पर  वर्तमान में आधुनिकता के प्रभाव भी इस नगर में पड़ने लगा है मथुरा के द्वारिकाधीश मंदिर यमुनाघाट के समीप संकरे गलियों में मिष्ठान्न की दुकानें प्रसिध्द है। 

निधिवन का रहस्य क्या है | Mathura Nidhivan Information Hindi

भले ही बहुत से लोग मथुरा नही गये होंगे परंतु उन्होनें यहाँ के निधिवन के बारे में तो जरुर सुना ही होगा । निधिवन के अन्दर रंगमहल भी है | दावा होता है की हर सुबह रंगमहल को खोला जाता है तो वहाँ श्री कृष्ण के मौजूदगी के निशान मिलते हैं | दातुन, लडू, पान और एक लौठा पानी जिसे रंगमहल के अन्दर सात तालों के अन्दर बन्द कर दिया जाता है | मगर सुबह सब कुछ  बदला रहता है | दातुन चबा हुवा, लडू टूटे हूई, पान चबाय हुआ ,पानी भरा हुआ लौठा गिरा हुआ मिलता है | सौलह सिंगार में चूडि बिन्दिया सब बिखरी हुवी मिलती है । ऐसा माना जाता है की निधिवन के रहस्य को लेकर वहाँ के लोग सब जागरुक है, इसलिये शाम होते ही सब लोग अपने घर चले जाते है | यहाँ तक की वहाँ पर एक परिंदा तक भी नही बैठता उस वन में | आसपास के लोग शाम के वक़्त अपने खिडक़ी दरवाजे सब बन्द कर देते है ताकि उनकी नजर गलती से भी उस वन में ना पड़े। क्युकि ऐसा बोला जाता है की उस निधिवन में श्री कृष्ण अपनी गोपियों के संग रात को रास लीला रचाते हैं ।और आज तक उनके इस रास लीला को देखने के लिये रात को जो भी  चोरी छुपे रुका है वे सब सुबह अपनी सुद्बूध खो बैठता है और 2 या 4 दिन में ही मुस्कुरा कर अपने प्राण त्याग देता है। 

मथुरा यात्रा करने ने का सही समय | Mathura Weather for Travel | Mathura Weather

अगर आप भी श्री कृष्ण के दर्शन करना चाहते है सोच रहे है की किस समय अच्छा रहेगा मथुरा जाना तो हम आपको बता दे की मथुरा जाने का सही समय है फरवरी-मार्च और सितंबर-नवंबर के बीच होता है इस समय आपको ज्यादा गर्मी और कडाके ठंड को झेलना नही पड़ेगा। 

यात्रा में जाने के लिये स्वास्थ्य का ध्यान ?

यात्रा में जाने से पहले आप ये जरुर ध्यान रखे की अगर आप किसी भी तरह की दवाईया खाते है तो यात्रा में जाने से पहले अपने चिकित्सक से सलाह जरुर करे।और साथ में दवाईया लेकर जाये। 

यात्रा के लिये सबसे अच्छा मार्ग?

श्री कृष्ण की जन्मभूमि मंदिर मथुरा शहर के बीचों –बीच में स्थित है यह मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन से सिर्फ 4 किमी के दूरी पर है मथुरा आप बस, कार या रिक्शा के जरिये आसानी से पहुँचा जा सकता है। 

मथुरा में जाने के लिये होटल/धर्मशाला/होम स्टे | Mathura Hotels

आपको मथुरा में रहने के लिये 800 से 1200 रुपय प्रति दिन के लिये कमरा मिल जाएगा परंतु अगर आप जाने से पहले बुक कर लेते है तो आपको कमरा निश्चित हो जाएगा। 

मथुरा में आस पास के पर्यटन स्थल | Mathura Tourist Places in Hindi | Mathura Temple

मथुरा में आपको भगवान के दर्शन उनसे जुड़ी आस्था और धर्म का अनोखा संगम देखने को मिलेगा।अगर आप मथुरा जायें तो अपने सुविधा के अनुसार इन जगह पर भी घुमने जायें ।

1. कृष्ण जन्मभूमि मंदिर

2. द्वारकदीश मंदिर

3. गोवर्धन पर्वत

4. बाँके बिहारी मंदिर

5. कुसुम सरोवर

6. मथुरा संग्रहालय 

7. विश्राम घाट 

8. बिड़ला मंदिर

9. कंस किला

10. जय गुरुदेव मंदिर

11. पोटारा कुंड 

12. राधा कुंड

13. रंग भूमि 


यात्रा की तैयारी  कैसे करे ?

यात्रा करने के लिये आपको 2 या 4 दिन का समय लग भी सकता है | इसके लिये आपको अपने साथ वो सभी जरुरत की चीजें लेकर जाना पड़ेगा | जो आपको रोज चाहिये होता है | आप अपने सुविधा अनुसार ट्रिप तय कर सकते है | अगर आप खुद के वाहन से जाना चाहते है तो बहुत अच्छा है परंतु आपके पास खुद का वाहन नही है तो आप यात्रा पर सुविधा अनुसार रिक्शा,आटो आदि की मदद ले सकते हो।


यात्रा ऑनलाइन पंजीकरण ?

अगर आप भी श्री कृष्ण के दर्शन करना चाहते हो तो कोरोना के चलते आपको भी नियमों का पालन करना पड़ेगा । और ऑनलाइन पंजीकरण करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही आपको करोना का टीकाकरण करना अनिवार्य होगा और आपको सभी नियमों का पालन भी करना होगा।तथा मास्क और सेनिटाइज़र भी साथ लेकर जाये और जहाँ ज्यादा भीड़ हो वहाँ से दूरी बनाये रखे। 

यात्रा के दौरान सावधानियाँ ?

यात्रा के दौरान अपनी चीज़ो का ध्यान रखे और किसी भी अंजान व्यक्ति से किसी भी तरह की चीजें ना ले।और हो सके तो अपने समान की खुद ही जिम्मेदारी ले किसी के भरोसे ना रहे।

निष्कर्ष

मित्रों आज हमने आपको श्री कृष्णा जी की जन्मभूमि मथुरा की यात्रा के सम्बन्ध में बताया है | आशा करते हैं की आपको हमारी ये रोचक जानकारी जरुर पसंद आई होगी | अगर आपके मन में अभी भी कोई सवाल हो तो हमें जरुर लिखें | और इस पोस्ट को अपने मित्रो के साथ सोशल मीडिया पर जरुर शेयर करें |

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जय श्री राम

FAQ

1. मथुरा से महत्वपूर्ण स्थलों की दूरी | mathura to vrindavan distance

स्थान दूरी समय
वृन्दावन (Mathura Vrindavan)
Mathura to Vrindavan Distance
15.1 km via NH19/NH 4427 min
दिल्ली से मथुरा
Delhi to Mathura Distance
183.0 km via Yamuna Expy3 hr 18 min 
आगरा से मथुरा की दूरी
Agra to Mathura Distance
 56.7 km via NH19/NH 441 hr 17 min
जयपुर से मथुरा की दूरी
Jaipur to Mathura Distance
222.1 km via NH214 hr 14 min 

2. Mathura PIN Code

281001

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