Uttarakhand Tourism Places Guide : उत्तराखंड टूरिस्ट प्लेस गाइड

उत्तराखंड भारत का एक प्रमुख पर्यटक और दर्शनीय स्थल है हां पर प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में लोग घूमने के लिए आते हैं इसके अलावा उत्तराखंड धार्मिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण स्थल है यहां का केदारनाथ बद्रीनाथ हिंदू धर्म की आस्था का प्रतीक है उत्तराखंड भारत का ऐसा राज्य है जहां पर उचे उचे पर्वत श्रृंखला है नदिया झरना और इसकी खूबसूरत वादियां देखकर आपको लगेगा कि आप स्वर्ग में आ गए हैं सर्दी के दिनों में यहां पर बर्फबारी भी होती है जिसका नजारा ही कुछ और होता है ऐसे में अगर आप अपने परिवार के साथ घूमने का मन बना रहे हैं तो आप उत्तराखंड जा सकते हैं अब आपके मन में सवाल लगा कि उत्तराखंड में घूमने लायक कौन कौन सी जगह है अगर आप इसके बारे में कुछ भी नहीं जानते हैं तो कोई बात नहीं है क्योंकि मैं आज आपको इस आर्टिकल के माध्यम से बताऊंगा कि Top tourist places in Uttarakhand in Hindi

Top tourist places in Uttarakhand in Hindi

उत्तराखंड में घूमने लायक टॉप tourist places लिखित प्रकार के हैं जिसका विवरण हम आपको नीचे बिंदु अनुसार देंगे जो इस प्रकार है आइए जाने

Tourist places of Uttarakhand Devprayag

देवप्रयाग ऋषिकेश से लगभग 75-80 km की दूरी पर स्थित एक मशहूर पर्यटक स्थल है I

उत्तराखंड में पांच प्रयाग पाए जाते हैं लेकिन इनमें से सबसे प्रमुख देवप्रयाग है नदियों के संगम को ही प्रयाग कहते हैं प्रयाग के कारण गंगा नदी का नाम गंगा पड़ा हिंदू धर्म के श्रद्धालुओं की आस्था यहां से जुड़ी हुई है और लाखों की संख्या में हिंदू धर्म के मानने वाले लोग यहां पर आकर गंगा स्नान करते हैं देवप्रयाग में अनेकों प्रकार के पर्यटक स्थल घूमने लायक हैं जैसे – दशरथशिला, चन्द्रबदनी मंदिर, रघुनाथजी मंदिर और सस्पेंशन ब्रिज हैं अगर आप एडवेंचर के बहुत ज्यादा शौकीन है तो यहां पर एडवेंचर से जुड़े हुए खेल रिवर राफ्टिंग और कैंपिंग का लुफ्त उठा सकते हैं।

Tourist places of Uttarakhand Auli

अगर आप ऊंचा खंड घूमने के लिए जा रहे हैं तो आप वहां के प्रमुख पर्यटक स्थलऔली जाना ना भूलें इससे भारत का स्विट्जरलैंड कहा जाता है I यहां पर जब आप जाएंगे तो आपको लगेगा आप स्वर्ग में आ गए हैं I स्की रिसोर्ट आइस एडवेंचर के लिए Auli काफी मशहूर है प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में विदेशी सैलानी यहां पर इसका लुफ्त उठाने के लिए आते हैं I सर्दी के के समय यहां पर पहाड़िया वर्षों से ढकी हुई हो जाती है यहां पर आप जब घूमने के लिए जाएंगे तो आपको लगेगा कि आप कोई विदेशी पर्यटक स्थल पर आ गए हैं इसका मनमोहक दृश्य आपके दिलो-दिमाग पर इस कदर छा जाएगा उसे भूल पाना आपके लिए समय नहीं होगा I

हर साल देश-विदेश से लोग Skiing, Trekking, Camping, Ropeway ride का आनंद लेने यहाँ आते हैं। सर्दियों के मौसम औली की बर्फीली पहाड़ियों और नदियों की खूबसूरती देख आप भौचक्के से हो जायेंगे, यहाँ आकर हर कोई यही कहता है कि हम विदेश आ गए है। सर्दियों के अलावा औली गर्मी के मौसम में यहाँ की हरियालियों का मनोरम दृश्य किसी भी पर्यटकों के दिलों दिमाग में छाप छोड़ जाता हैं। वैसे तो औली की प्रकृति बेहद करीब से निहारने साल में कभी भी आ सकते है। औली आपको हर तरह से आनंद प्रदान करेगी।

Tourist places Uttarakhand Kedarnath

उत्तराखंड में स्थित केदारनाथ भारत का प्रमुख धार्मिक स्थल है हिंदू धर्म की आस्था का प्रतीक किसे माना जाता है और प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में है दूसरा डालो यहां पर बाबा केदारनाथ का दर्शन करने के लिए आते हैं केदारनाथ धार्मिक स्थल इसलिए भी बहुत ज्यादा प्रचलित है क्योंकि आज चारों धामों में से एक धाम है I केदारनाथ मंदिर पहुंचने का जो रास्ता है वह काफी एडवेंचर से भरा हुआ है यहां पर पहुंचने के लिए आपको ट्रैकिंग, पिठ्ठू, घोड़े की सवारी और हेलीकाप्टर के द्वारा तय सकते हैं। इस यात्रा में आप चोराबारी ग्लेशियर, मंदाकनी नदी का उद्गम स्थल, भैरव मंदिर, वासुकी ताल और शंकराचार्य समाधि इत्यादि जगहों में जा सकते है

Tourist places of Uttarakhand Valley of Flowers

उत्तराखंड घूमने जाएं और आप अगर फूलों की घाटी जैसे प्रमुख पर्यटक स्थल ना जाए तो आपका उत्तराखंड जाना ही बेकार है I फूलों की घाटी दृश्य मनमोहक है जिसे देखने के बाद आप को लगेगा कि आप किसी जन्नत में आ गए हैं 90 sq km के भूभाग में इसका विस्तार हुआ है भारत सरकार द्वारा 1982 में वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत इसे नेशनल पार्क घोषित किया गया है इसके अलावा इसे UNESCO द्वारा विश्व धरोहर का दर्जा दिया गया है। इस घाटी में आपको 500 से अधिक प्रकार की फूलों की दुर्लभ प्रजातियां पाई जाती हैं I यहां पर जाने के लिए आपको ट्रैकिंग की सहायता लेनी होगी I

Tourist places of Uttarakhand Masoorie

अगर आप अपने परिवार के साथ हिल स्टेशन घूमने के लिए जाना चाहते हैं तो आप उत्तराखंड के मसूरी जा सकते हैं यह भारत का प्रमुख हिल स्टेशनों में से एक है I यहां पर स्थित पहाड़ बर्फीले बर्फ की चादर से ढके होते हैं जिसे देखना आपके लिए एक काफी सुखद अनुभव होगा अगर आपकी शादी नहीं हुई है तो आप हनीमून के लिए इस हिल स्टेशन पर जा सकते हैं I इसके अलावा अगर आप एडवेंचर के बहुत ज्यादा शौकीन है यहां पर आप एडवेंचर से जुड़े हुए प्रमुख खेल जैसे- यहाँ boating, trekking, paraglaiding और cable car ride इत्यादि का लुफ्त उठा सकते हैं I

Tourist places of Uttarakhand Nainital

नैनीताल को झीलों की नगरी कहा जाता है क्योंकि यहां पर सबसे अधिक झील पाए जाते हैं नैनीताल झील की खोज सर्वप्रथम 1841 में P. Barron के अंग्रेज के द्वारा किया गया था नैनीताल के लिए प्रसिद्ध होने का प्रमुख कारण है कि यहां पर यहां पर स्थित झील हरे भरे पहाड़ियों से जुड़े हुए हैं जिसमें नैनी जेल प्रमुख है किसी के नाम पर किस जिले का नाम नैनीताल पड़ा I ई वास लाखों की संख्या में विदेशी सोनाली यहां पर घूमने के लिए आते हैं यहां पर Boatingकरने का अपना अलग ही मजा है नैनीताल में अगर आप एडवेंचर का मजा उठाना चाहते हैं तो यहां पर एडवेंचर से जुड़ा हुआ खेल Boating, Trekking, Camping, Rope way riding, Horse Riding का मजा उठा सकते हैं

Rishikesh Uttarakhand Tourism

ऋषिकेश की गिनती भारत के प्रमुख तीर्थ स्थलों में किया जाता है ऋषिकेश दुनिया में प्राचीन मंदिरों और योग के लिए जाना जाता है भारत के प्रमुख के योग गुरु स्वामी रामदेव का योग केंद्र पंतजलि ऋषिकेश में स्थित है I प्रतिवर्ष भारत के विभिन्न शहरों से लाखों की संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक यहां पर घूमने के लिए आते हैं अगर आप एडवेंचर खेलों के शौकीन है यहां पर आपकोBunjee jumping) या फिर केबल के सहारे पहाड़ के एक सिरे से दूसरे सिरे तक जाना हो (Zip Lining) या रिवर राफ्टिंग या पैराग्लाइडिंग ऐसे खेल उपलब्ध हैं

Tourist places of Haridwar Uttarakhand

उत्तराखंड में स्थित हरिद्वार चार धामों का प्रवेश द्वार कहा जाता है उत्तराखंड एक प्रमुख धार्मिक स्थल है और हिंदू धर्म में इसका अपना एक अलग महत्व है यहां पर प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में श्रद्धालु आकर गंगा में स्नान करते हैं और साथ में मंदिरों में पूजा आरती करते हैं इसके अलावा यहां पर मुंडन संस्कार और अंतिम संस्कार जैसे कार्य भी यहां पर संपन्न करवाए जाते हैं भारत का मशहूर कुंभ मेला हरिद्वार में ही आयोजित किया जाता है

Tourist places of Uttarakhand Dehradun

अगर आप उत्तराखंड घूमने के लिए जा रहे हैं तो आप इसके लिए जानी है देहरादून जाना ना भूलें देहरादून उत्तराखंड का एक प्रमुख पर्यटन और दर्शनीय स्थल है देहरादून राष्ट्रीय शिक्षण संस्थान और संग्राहलयों के लिए के लिए जाना जाता है जहां पर विदेशों से छात्र पढ़ाई करने के लिए आते हैं इसके अलावा देहरादून एक प्रमुख पर्यटक स्थल भी है जहां पर घूमने की अनेकों प्रकार के पर्यटक स्थल जैसे- डाकुओं का गुफा लच्छीवाला नेचर पार्क . राम राय गुरुद्वारा साथ ही पिकनिक के लिए fun valley park और चिड़ियाघर भी है इसके अलावा अगर आप एडवेंचर खेलकूद के ज्यादा शौकीन हैं तो आपको यहां पर ट्रैकिंग, राफ्टिंग, कैंपिंग और पैराग्लाइडिंग इत्यादि

Uttarakhand Tourist Places जाने का सही समय

अगर आप भी उत्तराखंड जाने के बारे में सोच रहे हैं तो आपको मालूम होना चाहिए कि उत्तराखंड जाना हमारे लिए सही वक्त होगा अगर आप उसके बारे में नहीं जानते हैं तो कोई बात नहीं है उसका दूसरा नाम आपको नीचे दे रहे हैं

मार्च से जून-

मार्च से जून का महीना उत्तराखंड में जाने के लिए बहुत अच्छा समय है क्योंकि इस समय भारत के कई राज्यों में काफी गर्मी का मौसम रहता है और ऐसे में लोग गर्मी से परेशान रहते हैं I
इसलिए अगर आप भी अपने परिवार के साथ उत्तराखंड सुनना जाना चाहते हैं तो आप मार्च से जून समझना उत्तराखंड जा सकते हैं ताकि आप को गर्मी से राहत मिले I

जुलाई और अगस्त

जैसा कि आप जानते हैं कि भारत में जुलाई और अगस्त का महीना मानसून का महीना होता है इस समय भारत के सभी राज्यों में जबरदस्त बारिश होती है और उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्र में यहां पर बारिश के साथ साथ लैंडस्लाइड जैसी समस्या भी जाती है ऐसे में अगर आप इस महीने वहां पर जाते हैं तो आपको काफी सावधानी रखने की जरूरत है और विशेष बात का ध्यान रखिए कि आप कभी भी उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्र में बरसात के मौसम में ना जाए इसके बावजूद भी अगर आप उत्तराखंड घूमने जाना चाहते हैं तो आप जा सकते हैं लेकिन आप नैनीताल, हरिद्वार, ऋषिकेश, मसूरी या देहरादून जैसे पर्यटन स्थल पर जा सकते हैं I

सितंबर और अक्टूबर-

सितंबर अक्टूबर का महीना उत्तराखंड जाने के लिए काफी अच्छा मौसम है इस समय उत्तराखंड का मौसम काफी सुहाना और सर्दी नुमा होता है इस समय भारत में शीत का आवागमन हो जाता है इसलिए अगर आप अपने परिवार के साथ घूमना जाना चाहते हैं तो आप सितंबर अक्टूबर के महीने में जा सकते हैं I

अक्टूबर से फरवरी

अक्टूबर से फरवरी का महीना उत्तराखंड घूमने के लिए सबसे अच्छा समय होता है क्योंकि इस समय उत्तराखंड में बर्फबारी शुरू हो जाती है और ऐसे में अगर आपकी शादी नई हुई है तो आप हनीमून के लिए उत्तराखंड के हिल स्टेशन पर जा सकते है I

FAQ :

Q: उत्तराखंड घूमने लायक सबसे प्रमुख पर्यटक स्थल कौन सा है
Ans: ऋषिकेश

Q : उत्तराखंड घूमने के लिए जाए तो वहां से क्या खरीदें
Ans: उत्तराखंड अगर आप घूमने के लिए जा रहे हैं तो वहां पर आपको काफी विभिन्न प्रकार के woolen closth मिल जाएंगे जो काफी सस्ते और अच्छे होते I

Q: उत्तराखंड सबसे ठंडा स्थान कौन सा है
Ans: औली का औसत तापमान 4.3 डिग्री

Q: उत्तराखंड में घूमने के लिए सबसे अच्छे हिल स्टेशन कौन से हैं?
Ans : नैनीताल मसूरी.भीमताल रानीखेत

Q: उत्तराखंड हनीमून कपल को कब जाना चाहिए
Ans; उत्तराखंड हनीमून कपल को अक्टूबर से फरवरी महीने के बीच जाना चाहिए I

खाटू श्याम दर्शन : Baba Khatu Shyam Yatra

नमस्कार दोस्तों स्वागत है हमारे वेबसाइट Yatra99 पर आज की पोस्ट में बात करेंगे Khatu Shyam Baba Yatra की. जैसा कि हम लोग जानते हैं कि खाटू श्याम बाबा भगवान श्री कृष्ण के कलयुग अवतार माने जाते हैं, इसलिए उनकी महिमा अपरंपार है और ऐसा कहा जाता है कि जो भी व्यक्ति उनके दर्शन कर लेगा उसकी सभी मन की मनोकामना की पूर्ति हो जाएगी. ऐसे में अगर आप भी खाटू श्याम बाबा के दर्शन करना चाहते हैं लेकिन आपको समझ में नहीं आ रहा है कि खाटू श्याम बाबा की यात्रा आप कैसे करेंगे, वहां पर कैसे पहुंचेंगे, अगर आप इसके बारे में कुछ भी नहीं जानते हैं तो कोई बात नहीं आज हम आपसे निवेदन करेंगे कि हमारे इस आर्टिकल पर आखिर तक बने रहे.
तो चलिए शुरू करते हैं-

Baba Khatu Shyam photo Rajasthan
Baba Khatu Shyam Photo

खाटू श्याम का इतिहास

खाटू श्याम बाबा का इतिहास क्या है अगर उसके बारे में हम चर्चा करें तो वह काफी पुरानी है. और उसका सीधा संबंध महाभारत काल से है I आप लोगों ने महाभारत काल में भीम के पौत्र बर्बरीक का नाम जरूर सुना होगा जो काफी शक्तिशाली और महान योद्धा था. उसके बारे में कहा जाता है कि उसके बाण में इतनी ज्यादा ताकत थी कि एक बाण से कई लोगों को एक साथ मौत के घाट उतार सकता था. श्री कृष्ण उनके इस शक्ति के बारे में जानते थे. उन्होंने एक तरकीब निकाली और ब्राह्मण का वेश धारण कर वीर योद्धा बर्बरीक के पास पहुंच गए और उन्होंने कहा मुझे आपका सिर चाहिए इस पर बर्बरीक ने अपना सिर काट कर उन्हें दे दिया. श्रीकृष्ण ने अपना असल रूप धारण किया और उन्हें वरदान दिया कि आज के बाद तुम इस संसार में खाटू श्याम बाबा के नाम से पूजा जाओगे और इसलिए खाटू श्याम मंदिर में बर्बरीक के अलावा भगवान श्री कृष्ण और राधा की भी पूजा की जाती है I

Baba Khatu Shyam Ji Ki image
Baba Khatu Shyam Ji Ki image

खाटू श्याम कैसे बने : Baba Khatu Shyam Story in Hindi

खाटू श्याम कैसे बने उसके पीछे एक कहानी काफी पुरानी और पौराणिक है महाभारत काल में आप लोगों ने बर्बरीक का नाम जरूर सुना होगा. जो महाशक्तिशाली भीम के पोते थे और भीम के पुत्र घटोत्कच के पुत्र थे. उसके बारे में कहा जाता है वीर बर्बरीक काफी शक्तिशाली और महान योद्धा थे. उन्हें महादेव के द्वारा वरदान भी प्राप्त था, इसलिए श्री कृष्ण ने सोचा कि अगर बर्बरीक पांडवों के खिलाफ महाभारत में युद्ध में पांडवों के जीत में एक बाधा उत्पन्न हो जाएगी. इसलिए उन्होंने तरकीब के द्वारा बर्बरीक को युद्ध में भाग लेने से रोकने के लिए उनसे एक वचन मांगा और ब्राह्मण के भेष में उनके पास चले गए. बर्बरीक ने अपने वचन का मान रखा और उन्होंने श्रीकृष्ण को अपना सर काट के दे दिया. इस पर श्री कृष्णा बहुत ज्यादा प्रसन्न हुए और उन्हें कहा कि शीश दानी आज मैं तुम्हें अपना नाम देता हूँ और कलयुग में तुम मेरे नाम यानी कि श्याम के रूप में पूजे जाओगे इसी प्रकार बर्बरीक से खाटू श्याम बने.

Baba Khatu Shyam Photo (3)
Baba Khatu Shyam Ji Ka Photo

खाटू श्याम बाबा के दर्शन कैसे करे

खाटू श्याम बाबा के अगर आप दर्शन करना चाहते हैं तो उसके दो तरीके हैं पहला आप खाटू श्याम मंदिर चले जाएं और वहां पर जाकर उनके दर्शन कर सकते हैं और दूसरा आप घर बैठे ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं. जिसमें आपको विशेष तारीख दी जाएगी और आप वहां पर जाकर आसानी से खाटू श्याम बाबा के दर्शन कर पाएंगे. ऑनलाइन बुकिंग का सबसे बड़ा फायदा होता है कि वहां पर आप जब जाएंगे तो आपको भीड़ में लाइन लगाने की जरूरत नहीं है, बल्कि आप आसानी से वहां पर जाकर अपने रजिस्ट्रेशन नंबर के मुताबिक खाटू श्याम बाबा के दर्शन कर सकते हैं. दर्शन करने के लिए आप इसका ऑफिशल वेबसाइट पर जाकर Registration कर सकते हैं. जिसका लिंक हम आपको नीचे दे रहा है जो इस प्रकार-

Baba Khatu Shyam Ji Online Bookinghttps://shrishyamdarshan.in/

खाटू श्याम मंदिर कहां है ?

खाटू श्याम बाबा का मंदिर राजस्थान के सीकर जिले में खाटू श्याम नामक गांव में स्थित है. जयपुर से इसकी दूरी 80 किलोमीटर है और दिल्ली से 300 किलोमीटर I

Jaipur to Khatu Shyam Distance80 Km
Delhi to Khatu Shyam Distance300 Km
Baba Khatu Shyam Ji Photo
Baba Khatu Shyam Images

खाटू श्याम के आस पास घूमने की जगह ?

जब आप खाटू श्याम मंदिर के पास जाएंगे तो उसके अगल-बगल विभिन्न प्रकार के घूमने की जगह है जिसका विवरण हम आपको नीचे दे रहे हैं जो इस प्रकार गया

जीण मंदिर – Jeern Mandir

सांस्कृतिक मंदिर जीर्ण मंदिर खाटू श्याम से 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. यहां पर माता दुर्गा की पूजा की जाती है यहां पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु माता दुर्गा की पूजा करने के लिए आते हैं I

सालासर बालाजी का मंदिर – Salasar Balaji Mandir Rajasthan

खाटू श्याम धाम से लगभग 100 किलोमीटर दूर सुजानगढ़ जिला में सालासर बालाजी धाम स्थित है. इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता है कि यहां पर हनुमान जी दाढ़ी मूछ के रूप में विराजमान है I

गायत्री मंदिर – Gayatri Manidr Near Khatu Shyam Ji

खाटू श्याम धाम परिसर में गायत्री माता का भी मंदिर बना हुआ है. जहां पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु माता गायत्री देवी की आराधना और पूजा करने के लिए आते हैं

हनुमान मंदिर – Hanuman Mandir Rajasthan

हनुमान का बहुत ही प्राचीन मंदिर खाटू श्याम में बना हुआ है I यहां पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु भगवान हनुमान जी की पूजा करने के लिए आते हैं

इसके अलावा खाटू श्याम में और भी दूसरे प्रकार के जगह है, जहां पर आप जा सकते हैं जिसका विवरण हम आपको नीचे दे रहे हैं

● लक्ष्मण गढ़ किला
● सीकर म्युसियम
● हर्षनाथ मंदिर
● देवगढ़ किला
● दांता रामगढ़
● गणेश्वर
● जयपुर पिकनिक स्पॉट

खाटू श्याम जाना कब उपयुक्त है ?

खाटू श्याम जी के दर्शन करने के लिए वैसे तो साल के 12 महीने श्रद्धालु आते रहते. लेकिन यहां पर जाने का सबसे अच्छा मौसम मार्च से अप्रैल महीना . इसके अलावा जन्माष्टमी के दिन यहां पर आप जा सकते हैं. क्योंकि वहां पर उस दिन भारी मेला का आयोजन किया जाता है और लाखों की संख्या में श्रद्धालु खाटू श्याम बाबा जी के दर्शन करने के लिए आते हैं I

खाटू श्याम मंदिर कैसे पहुंचेंगे ?

खाटू श्याम मंदिर अगर आप जहां चाहते हैं तो आप हवाई रेल और सड़क तीनों मार्ग का इस्तेमाल कर सकते हैं. इन तीनों के बारे में हम आपको नीचे विस्तारपूर्वक जानकारी देंगे आइए जानते हैं-

ट्रेन : Khatu Shyam Way by Train

खाटू श्याम अगर आप मंदिर जाना चाहते हैं तो आप ट्रेन के माध्यम से वहां पर पहुंच सकते हैं. इसके लिए आपको जयपुर रेलवे स्टेशन पर उतरना होगा और वहां से आप सड़क मार्ग से खाटू श्याम मंदिर जा पाएंगे.

हवाई मार्ग 😐 Khatu Shyam Ji Yatra by Air

अगर आप खाटू श्याम मंदिर जाना चाहते हैं तो इसके लिए आप हवाई यात्रा का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके लिए आपको जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बताना होगा और वहां पर टैक्सी या बस के माध्यम से आप यहां पर पहुंच पाएंगे

सड़क मार्ग द्वारा : Baba Khatu Shyam Yatra By Road

सड़क मार्ग के द्वारा आप आसानी से खाटू श्याम मंदिर जा सकते हैं. इसके लिए अगर आपके पास खुद की गाड़ी है तो आप आसानी से यहां पर पहुंच सकते हैं और चाहे तो आप बस सेवा का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. आज के वक्त में आपको ऐसी कई बस सर्विस मिल जाएंगे जिसके माध्यम से आप सीधे खाटू श्याम मंदिर जा सकते हैं I

खाटू श्याम बाबा जी के दर्शन का समय

खाटू श्याम मंदिर में आप जाकर खाटू श्याम बाबा जी का दर्शन करना चाहते हैं तो उसके लिए कुछ विशेष समय निर्धारित किए गए . उसके अनुसार ही आपको वहां पर जाना होगा जिसका विवरण हम आपको नीचे दे रहे हैं जो इस प्रकार है-

सुबह का समय :सुबह 8:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक
शाम का समय : शाम 4:00 बजे से रात 8:00 बजे

Khatu Shyam Photos – खाटू श्याम बाबा की फोटो

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