मसूरी में घूमने की जगह | Places to Visit in Mussoorie

नमस्कार दोस्तों ! यात्रा 99 में आपका स्वागत है. जैसा कि आप जानते हैं कि हम अपने ब्लॉग में आपको दुनियां की शानदार जगहों के बारे में बताते रहते हैं. आज कि पोस्ट “मसूरी में घूमने की जगह | Places to Visit in Mussoorie” में भी हम आपको एक प्रकृति की सुन्दर जगह मसूरी के बारे में बताने जा रहे हैं.

पहाडों की रानी | Queens of Hills

दोस्तों मसूरी, पहाडों की रानी जिसे Queens of Hills के नाम से भी जाना जाता है। मसूरी की सुन्दर वादिया और खुबसूरत मौसम पूरे भारत में मशहूर हैं । मसूरी सिर्फ इंडियन टूरिस्ट की पसंद ही नही ब्लकि इंटरनेशनल टूरिस्ट के बीच में भी बहुत मशहूर हैं ।

मसूरी इंडिया की नोर्थेस्ट स्टेट उत्तराखंड के राजधानी देहरादून से 35 किलोमीटर दुर है। मसूरी, बच्चे, जवान और फैमिली के बीच में बहुत ही ज्यादा फैमिली स्पॉट बना रहता है।

Places_to_Visit_in_Mussoorie

मसूरी में आपकों बहुत सी जगह देखने को मिल जाएंगी जैसे –


• Waterfalls
• Mall road of mussoorie
• Natural beauty of mussoorie
• Tourist spot
• और मसूरी का खाना ।

ये सब मसूरी की खुबसूरती को चार चांद लगा देते है।

इस आर्टिकल में हम आपको मसूरी के 10 टूरिस्ट प्लेस बताने वाले है जहा आपकों घूमने जाना चाहिये। और साथ ही बताएगें की यहा पर घुमने का सही समय और कितने पैसे लगेंगे।

मसूरी में घूमने की 10 जगह

दोस्तों आपको हम बता रहे है की लाइब्रेरी चौक को मसूरी का सिटी सेंटर माना जाता है. इसीलिए हम आपको सारे रास्तों की दूरी और समय, लाइब्रेरी चौक से ही बताने वाले है।

ज्वाला देवी मंदिर | Jwala Devi Temple Mussoorie

ज्वाला देवी मंदिर, लाइब्रेरी चौक से लगभग 8 किलोमीटर पर है। जहा पर आपको जानें में तकरीबन 20 से 25 मिनट लग सकता है । ज्वाला देवी का मंदिर उतना ही पुराना है जितना की माता वैष्णो देवी का मंदिर है । हिंदू स्नातन के ग्रंथ में बताया हैं की जब शिव जी माता सती का मृत शरीर लेकर जा रहे थे तो उनके 51 हिस्से शरीर के टूट कर धरती पर गिरे थे। जिस पर से उनका जीब और जलते हुए कपड़े इस मंदिर पर आकर गिरे थे। इसलिए इस मंदिर के पवित्र गुफा में पवित्र ज्योति हमेशा जलती ही रहती है।

साथ ही इस मन्दिर का वर्णन महाभारत में भी किया गया है । इसलिए हर साल नवरात्रो में सारे श्रधालू यहा पर माता ज्वाला देवी के दर्शन करने जरुर आते है। माता ज्वाला का मंदिर अपने हसीन वादियों के लिये बहुत मशहूर हैं । और आप यहा पर पैदल चढाई करके भी आ सकते है।

माता देवी का मंदिर सुबह 5 बजे से दोपहर 12 बजे तक खुला रहता है। और शाम के 4 बजे से लेकर रात 8 बजे तक खुला रहता है।
इस मंदिर में आने की कोई भी एन्ट्री फीस नही है।

लाल टिब्बा मसूरी | Lal Tibba Mussoorie

लाल टिब्बा, लाइब्रेरी चौक से तकरीबन 7.5 किलोमीटर पर है जहा आपको पहुचने में आधा घंटा लग जाता है। लाल टिब्बा का मतलब है लाल पहाड़ । ये मसूरी का सबसे ऊचा पॉइन्ट है। और ये टूरिसटॉ के बीच बहुत मशहूर है । लाल टिब्बा के सुन्दर पॉइन्ट से आप हिमालयन माउंटेन की पूरी रेंज देख सकते हैं । और यहा तक की यहा के रूफ में टेलीस्कोप भी लगा है जहा से हिमालय का नजदीकी नजारा भी देख सकते हैं ।
लाल टिब्बा में घुड़सवारी और ट्रैकिंग करना जरुर चाहिये। इस जगह आपको एक केफे भी मिलेगा।

लाल टिब्बा का समय है सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक। और यहा की एन्ट्री फीस 40 रुपय/व्यक्ति हैं । यहा घूमने के लिये आपकों 1 घंटा ही काफी है। और अगर आप फोटोग्राफी के शौकीन हैं तो ये जगह फोटोग्राफी लेने के लिये बहुत ही अच्छी जगह है।

क्राइस्ट चर्च मसूरी | Christ chruch Mussoorie

Christ chruch, लाइब्रेरी चौक से सिर्फ 600 मीटर की दूरी पर है यहा पर आप पैदल भी जा सकते है। Christ chruch हिमालयन रेंज का सबसे पहला कैथलिक चर्च है। और ये मॉल रोड के कस्मंदा पैलेस से थोड़े ही पहले है। इस चर्च का निर्माण 1836 में ब्रिटिश कम्युनिटी के द्वारा किया गया था ।

अगर आप यहा घुमने का प्लान तब बनायें जब आप मॉल रोड घूमने का प्लान बना रहें हैं । और अगर आपका होटल मॉल रोड में ही है तो आप चर्च पैदल भी जा सकते हैं । इस चर्च का समय है सुबह 7 बजे से शाम 6:30 बजे तक। और ये चर्च संडे को खुलता है। सुबह के 8 बजे से शाम के 6:30 बजे तक । यहा पर जाने की कोई भी एन्ट्री फीस नही है ।

बस आपको ये सलाह दी जाती है की अगर आप वहा जाए तो ऐसे कपड़े पहन कर जाए जिसमें आपके कंधे और घुटने ढके हुए हो।

कैमल बेक रोड मसूरी | Camel Back Road

Camel back road, लाइब्रेरी चौक से तकरीबन 3 किलोमीटर पर हैं । और मसूरी मॉल रोड से आप यहा पैदल भी जा सकते है।Camel back road पीस वॉक करने के लिए मशहूर है। जहा आप प्रकृति का मजा लेते-लेते मसूरी की वादियों का मजा ले सकते है।

यहा पर सुबह की जोग्गिंग और शाम की वॉक करना सबसे मशहूर हैं । यहा पर आपकों बहुत से दुकान देखने को मिल जाएंगे जहा से आप अपने परीजनों के लिये कपड़े और भी चीजे खरीद सकते है।

ये 24 घंटे खुली रहती हैं लेकिन यह पर जाने का सबसे अच्छा समय सुबह 7 बजे से सुबह 10 बजे तक का हैं । और अगर आप यहा शाम को जाना जाते है तो 5 बजे के बाद ही जाए। यहा जाने की कोई भी एन्ट्री फीस नही है ।

गन हिल पॉइंट मसूरी | Gun Hill point Mussoorie

Gun hill point, लाइब्रेरी से तकरीबन 5 से 6 किलोमीटर की दूरी पर है । जहा आपको 20 मिनट जाने में
लगेगा । ये मसूरी का सबसे प्राचीन और दुसरा हाईएस्ट पॉइन्ट हैं । ये अपने फोटोग्राफी के लिए और 360 डिग्री हिमालयन नजारे के लिये मशहूर हैं ।

इस पॉइन्ट से आपको Doon valley साफ दिखेगी।

ये मसूरी का बहुत ही ज्यादा मशहूर जगह हैं जो मसूरी मॉल रोड से 400 फिट ऊपर है। यहा पर जाने के लिये आप रोपवे का भी इस्तेमाल कर सकते हैं । जो मसूरी मॉल रोड से शुरु होती हैं ।

इस जगह का समय सुबह के 10 बजे से शाम के 6 बजे तक है। और यहा की एन्ट्री फीस 75 रुपय/ व्यक्ति है।

भट्टा फाल्स मसूरी | Bhatta falls Mussoorie Uttarakhnad

Bhatta falls , लाइब्रेरी चौक से तकरीबन 13 किलोमीटर की दूरी पर है । जहा आपको 30 से 34 मिनट का समय लग सकता है ।
Bhatta falls अभी नया पिकनिक सपोट बनाया गया है जो मसूरी के पास ही पडता है। और ये टूरिस्टो के बीच आजकल आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है ।

Bhatta falls ट्रैकिंग करने के लिये बहुत ही ज़बरदस्त जगह है।

यहा पर आपकों खाने पीने की कोई भी दिक्कत नही होने वाली है क्योंकि यहा पर फूड़ शॉप बनाया हुआ है।
यहा जाने के लिये आप रोपवे का भी इस्तेमाल कर सकते हैं । यहा पर आने के लिये कोई भी एन्ट्री फीस नही है। यहा का समय सुबह 8 बजे से शाम के 5 बजे तक हैं ।

धनौल्टी मसूरी | Dhanaulti Mussoorie

ये लाइब्रेरी चौक से लगभग 60 किलोमीटर की दूरी पर है जहा पहुचने में आपकों 2 से ढाई घंटे लग सकते हैं । ये एक छोटा सा हिल स्टेशन है।
जो गढवाल हिमालयन रेंज के फूट हिल्स में बसा हुआ है। धानौलटी अपने प्रकृति सुन्दरता के लिये मशहूर है। यहा पर घूमने की जगह Eco park और Devgarh fort है। यह का ऐडवेंचर पार्क और टिहरी डाम भी जवान बच्चों के बीच बहुत मशहूर हैं। अगर आप मसूरी से धानौलटी जाने की सोच रहे है तो आप एक दिन में धानौलटी घूम कर भी आ सकते है। यहा पर घूमने का सबसे अच्छा समय मानसून के बाद का है ।
तब यह की हरयाली देखते ही बनती है। यहा पर आप अपने गाड़ी से भी जा सकते है और नही तो आपको वहा पर किराए में टैक्सी भी मिल जाएगी।

मसूरी झील | Mussoorie lake


ये लाइब्रेरी चौक से तकरीबन 6 किलोमीटर की दूरी पर है जो देहरादून और मसूरी के हाईवे पर पड़ता है । मसूरी लेक सिटी बोर्ड के द्वारा बनाया गया एक टूरिस्ट प्लेस है। जहा पर आपकों खरीदने के लिए बहुत सारे समान मिल जाएंगे। यह पर एक haunted house भी हैं ।
आप वहा पर बोटिंग और एक्सट्रीम स्पोर्ट्स भी कर सकते हैं । जैसे की paragliding, KTV riding, skywalk और zip line.
और यहाँ की एन्ट्री फीस 12 रुपए हैं । और यहा का समय सुबह के 8 बजे से शाम के 7 बजे तक हैं ।

केम्पटी फाल्स मसूरी | Kempty Falls Mussoorie

ये लाइब्रेरी चौक से तकरीबन 14 किलोमीटर की दूरी पर है । जहा आपको पहुचने पर 35 मिनट लग सकता हैं । ये मसूरी का सबसे मशहूर टूरिस्ट प्लेस है। जहा पर हर साल लाखो टूरिस्ट आते है। यहा पर जाने के लिए आप रोपवे का भी इस्तेमाल कर सकते है। जिसमें आपकों आने और जाने की फीस 120 रुपय पड़ेगी। यहा पर वॉटर फॉल का मजा लेना तो बनता है । और आप यहा पर बोटिंग का भी मजा ले सकते है।

यहा का समय सुबह और शाम का है और यहा पर आने की कोई भी एन्ट्री फीस नहीं है । और यहा पर गर्मियों में आनें का सबसे अच्छा मौका है ।

मॉल रोड मसूरी | Mall Road Mussoorie

ये लाइब्रेरी चौक के बिल्कुल बगल में हैं लाइब्रेरी चौक से शुरु होकर पिक्चर प्लेस तक तकरीबन 2 किलोमीटर पर है ।
ये जगह फोटोग्राफी के लिए मशहूर हैं। और मसूरी का सबसे जबरदस्त होटल और रस्तोर्ंट मसूरी के मॉल रोड पर ही है।
मसूरी मॉल रोड घूमने का सबसे बेहतरीन तरीका पैदल चल कर जाने का है।

यहा पर बहुत ही मशहूर video game parlour और रस्तोरेंट भी है जो बच्चों के लिये आकर्षण का केन्द्र बना रहता हैं।
मसूरी की मॉल रोड इसके बिल्कुल प्राइम लोकेशन में है। अगर आप होटल में रुकना चाहतें हैं तो आप मॉल रोड पर ही ले।
यहा की एन्ट्री फीस फ़्री है लेकिन अगर आप आप अपने गाड़ी से आ रहे है तो आपकों यहा घुसने के लिये 150 रुपय देने होंगे।
और यहा घूमने का सबसे सही समय शाम का है ।

दोस्तों अगर आप इन 10 जगह पर घूमने जाना चाहतें है तो आप होटल मॉल रोड में ही ले ।
ताकि आप कही अच्छा जगह रुक कर इन सभी जगह में घूम सकते हैं ।

मसूरी का मौसम | मसूरी का तापमान | मसूरी कब जाये | Mussoorie Weather

पहाड़ों की रानी मसूरी का मौसम हमेशा सुहावना बना रहता है. साल के सभी महीने में मौसम (mussoorie temperature) बेहद खुशनुमा रहता है जिससे हर साल भारी संख्‍या में पर्यटक आकर्षित करते है। मसूरी हिल स्‍टेशन सभी मौसम में सुंदर लगता है इसीलिए इसे पहाड़ों की रानी कहा जाता है । फिर भी मसूरी घूमने का सबसे अच्छा समय मार्च से जून के बीच और सितम्‍बर से नवंबर के बीच माना जाता है।

बद्रीनाथ धाम की यात्रा कब और कैसे करे | Badrinath Temple Yatra Kaise Kare


नमस्ते दोस्तों आज हम आपको अपने आर्टिकल में बताने वाले है की अगर आप बद्रीनाथ की यात्रा करने की सोच रहे है और आप ये सोच रहे है की आप किस तरह ये यात्रा करें और कब और कैसे करे , यात्रा में खर्चा कितना होने वाला है और वहा पर रहने खाने की क्या व्यवस्था रहेगी।
तो आपको हम इन सारे सवालों के जवाब देने वाले है की आपको कब और क्या करना चाहिये।

बद्रीनाथ के कपाट कब खुलेंगे | Badrinath Dham Opening Date

जैसे की आपको पता है की बद्रीनाथ के कपाट 8 मई को खुल चुके है । और बहुत दूर-दूर से सभी जगह से श्रधालू दर्शन करने आते है।
यह पर इंडिया के ही नही बाहर से भी विदेशी लोग दर्शन करने के लिये आते है। आप कही से भी आये आपको सबसे पहले हरिद्वार आना पड़ेगा। क्योकिं हरिद्वार सभी मुख्य परिवहनो के मार्ग से जुड़ा हुआ है। या फिर आप योग नगरी ऋषिकेश में भी आ सकते हैं ।

हरिद्वार से बद्रीनाथ | Haridwar to Badrinath Distance | बद्रीनाथ यात्रा कैसे करे

अब आपको हम बताते है की हरिद्वार से बद्रीनाथ जाने का सबसे सस्ता रस्ता कौन सा होगा। अगर आप हरिद्वार में सुबह के बाद आते है तो आपको उसी दिन बद्रीनाथ जाने के लिए कोई भी बस नही मिलेगी . हरिद्वार से बद्रीनाथ की यात्रा 316 किलोमीटर के आसपास का हैं ।और योग नगरी,ऋषिकेश से बद्रीनाथ के लिये 290 किलोमीटर का रस्ता है। इसके आलावा अगर आप हवाई जहाज से यात्रा करना चाहते है तो इसके लिये आपको आना होगा देहरादून के एअरपोर्ट में, देहरादून एअरपोर्ट पहुचने के बाद रास्ते का सफर ही करना होगा।

लेकिन हम आपको बता दे की आप हो सके तो ट्रेन के द्वारा ही हरिद्वार पहुचें । हरिद्वार से बद्रीनाथ जाने के लिये 2 तरीके है। सबसे सस्ता और अच्छा तरीका बस से है हरिद्वार से बहुत सारी बस बद्रीनाथ के लिए चलती है। जब आप हरिद्वार रेलवे स्टेशन पहुचते है तो रेलवे स्टेशन के बाहर ही बहुत सारे टिकट एजेन्सी बनी हूई है। जहा से आप अपना हरिद्वार से बद्रीनाथ के लिये टिकट ले सकते है। और इसके अलावा आप हरिद्वार बस स्टेशन भी जाकर बस का टिकट ले सकते है। बस से बद्रीनाथ का किराया जो गोवेर्ंमेंट बस चलती है उनका किराया 550-600 रुपय तक का है।

Badrinath_Temple_Yatra_Kaise_Kare

इसके आलवा अगर आप किसी थर्ड पार्टी से ऐडवांस बूकिंग करते है जैसे red bus या make my trip से भी कर सकते है लेकिन आपकों इसमे 100 रुपय से 200 रुपये ज्यदा चुकाने पड़ते है। बस आपका इसमें फायदा ये होगा की आपकों अपनी मन पसंद की सीट मिल जाती है।
इसके अलावा अगर आपको हरिद्वार से डायरेक्ट बस बद्रीनाथ के लिये नही मिलती, तो इसके लिये आपको जोशीमठ जाना होगा ।
क्योकिं बद्रीनाथ के लिए शाम को कोई भी बस नही मिलती है। क्योंकि बद्रीनाथ का रस्ता बहुत ही खतरनाक है इसलिए कोई भी वाहन को शाम के लिये रोक दी जाती है। कोई भी वाहन को शाम को जोशी मठ के आगे जाने नही दिया जाता है। इसलिए आप हरिद्वार से जोशीमठ बस के द्वारा चले जाईए।

फिर दुसरे दिन सुबह-सुबह वहा पर बहुत सारी टैक्सी चलती है और 100 रुपय का किराया लेती है। जिससे आप बद्रीनाथ तक जा सकते है।
अगर आप देहरादून हवाई जहाज से आये है तो देहरादून पहुचने के बाद भी देहरादून से सुबह 4 बजे से 7 बजे तक 3 से 4 बसें बद्रीनाथ के लिये चलती है।

प्राइवेट टैक्सी से यात्रा | Haridwar to Badrinath Taxi

यह ऑप्शन है की आप हरिद्वार ऋषिकेश से पहुचने पर प्राइवेट टैक्सी कर सकते हैं । बद्रीनाथ तक जाने के लिये प्राइवेट टैक्सी वाले आपसे 8000 से 10,000 रुपय तक ले सकते है। ये आपको राउंड ट्रिप में ही बद्रीनाथ यात्रा के दर्शन कराते हैं । पहले दिन ये आपको बद्रीनाथ धाम लेकर जाएंगे , पहलें आप बद्रीनाथ जी के दर्शन कर लीजिये । फिर दुसरे दिन ही आप माणा गाँव और आसपास के जगह में घूम लीजिए ।
और शाम तक ये आपकों हरिद्वार वापस ले कर आ जाएंगे।

बद्रीनाथ में रुकने की व्यवस्था | Badrinath Dham Hotels

बद्रीनाथ में आप 3 तरीके से रुक सकते है।

  1. सबसे सस्ता ऑप्शन ये हैं की वहा पर बहुत सारे आश्रम बने हुए है जहा पर आपकों 200 रुपय से 300 रुपय तक रात को रुकने के लिये रुम मिल जाते है।
  2. यहा पर GMVM का यात्री निवास बना हुआ है और एक होटल देव लोक भी बना हुआ है। अगर आप यात्री निवास में रुकते है तो आपकों मात्र 300 रुपय में डोरमेट्री उप्लब्ध मिलेगा। और अगर आप होटल देवलोक में रुकते है तो आपको यहा पर सेमी डीलक्स और डीलक्स रुम मिल जाता है। सेमी डीलक्स का किराया 3800 रुपय है और डीलक्स रुम का 4800 रुपय है। और अगर आप यहा रुकते है तो आपकों यहा नाश्ता,लंच और डिनर सब मिलता है।
  3. और यदि आप यात्री निवास में रुकते है तो आपको यहा पर सिर्फ 300 रुपय में डोरमेट्री ही मिलती है ।
  4. इसकी बूकिंग आप वहा पर जाकर भी कर सकते है और अगर आप अपनी बूकिंग पहले ही ऑनलाइन कराना चाहते है तो WWW.GMVNONLINE.COM पर जाकर कर सकते है।

इसके आलावा बद्रीनाथ पर भी बहुत सारे होटल बने हुए है। अगर आप पीक सीजन में जाते है तो आपको यहा पर 2500 से 4000 तक के रुम मिल जाते है। और अगर ऑफ़ सीजन में जाते है तो आपको 800 से लेकर 1500 तक के बीच में रुम मिल जाते है।

बद्रीनाथ यात्रा के लिये सही समय क्या है | Badrinath Yatra Jane Ka Samay | Best Timing for Badrinath

जैसे की आपको पता है की बद्रीनाथ मंदिर के कपाट 6 महीने के लिये खुलते है और 6 महीने के लिये बंद रहते है।

और बद्रीनाथ का मंदिर बिकुल पहाडों के बीच में बना हुआ है। और सर्दियों में यहा पर तापमान बिल्कुल गिर जाता है और बहुत बर्फबारी होती है। बद्रीनाथ के कपाट अप्रैल से मई के महिने में अक्षय तृतीया में खुलते है। और अक्टूबर और नवंबर के महीने में कार्तिक पूर्णिमा में बंद कर दिए जाते है। बस 6 महीने में बद्रीनाथ की यात्रा चलती है। बद्रीनाथ की यात्रा करने के लिये सबसे अच्छा समय होता है सितंबर और अक्टूबर के महिने का। क्योकि इस समय बहुत कम भीड होती है और आप बहुत कम पैसो में बद्रीनाथ की यात्रा कर सकते है।
बद्रीनाथ का जो पीक सीजन होता है वो मई ओर जून का होता है। क्योकिं बहुत से भक्त बद्रीनाथ के दर्शन के लिये मई और जून में ही जाते है।

और जुलाई और अगस्त के महिने में यात्रा करने से बचना चाहिये क्योकिं ये मानसून का महीना होता है और पहाड़ों में बरसात होने से भूस्खलन होने की ज्यादा संभावना होती है। और 3 या 4 दिन का जाम भी लग जाता है इसलिए आपको इन महिनो में यात्रा नही करनी चाहिये।

बद्रीनाथ में रहने के लिये कितने दिन का प्लान बनाना चाहिये

यहा पर आपके पास 2 ऑप्शन है अगर आप बस के द्वारा जा रहे है तो आपको बद्रीनाथ के लिये 2 रात का नाइट स्टे बनाना पड़ेगा।
क्योकि अगर बस से जाएंगे तो बस से पहले ही दिन आपको 10 से 12 घंटे लग जाएंगे और शाम तक ही आप पहुचेंगे तो आप बद्रीनाथ के दर्शन करेंगे। और वहा भी बहुत सी जगह है जहा आपको घुमना होता है जिसे हम आपको आगे बतायेंगे।

और अगर आप अपने प्राइवेट गाड़ी से बद्रीनाथ की यात्रा कर रहे है तो आपको इसके लिये 1 दिन का नाइट स्टे ही बनाना पड़ेगा।
अगर आप अपने गाड़ी से जाते है तो आप पहले ही दिन पहुच जाते है बद्रीनाथ के दर्शन करते है।
दुसरे दिन सुबह उठ जाते है और बद्रीनाथ के पास वाले जगह में घूमते है और उसी शाम आप अपने गाड़ी में वापस आ जाते है।

बद्रीनाथ मे खाने-पीने की व्यवस्था क्या है |

बद्रीनाथ में आपको खाने पीने की कोई भी दिक्कत होने वाली नही है यहा पर भी आपको थाल सिस्टम देखने को मिल जाता है।
100 से लेकर 150 तक की थाली का खाना आपको मिल जाएगा। और आपको यहा पर साउथ इंडियन खाना खाने को भी मिल जाएगा।

बद्रीनाथ धाम के दर्शन कैसे करे | Badrinath Dham Darshan Kaise Kare

दोस्तों जब आप बस स्टॉप से उतरते है तो मात्र 500 की दुरी पर बद्रीनाथ का मंदिर बना हुआ हैं आप मंदिर पहुँच जाए।
मंदिर परिसर में ही जल कुंड बना है आप चाहे तो वहा पर नहा भी सकते हैं । इसके बाद आप मंदिर में जाकर लाईन में लग जाए।
अगर आप मई और जून के महीने में दर्शन करने जा रहे है तो आपकों दर्शन करने के लिये 3 से 4 घंटे लाईन में लगना पड़ता है ।
और अगर आप ऑफ़ सीजन में जा रहे है तो आपको दर्शन के लिए आधे घंटे से 1 घंटा ही लगता हैं ।

इसके सामने ही बद्री विशाल विराजमान है उनके दर्शन करिये और वापस आ जाईए। इसके बाद आपको जाना है ब्रहम कपाल ।

ब्रहम कपाल वही जगह है जहा पर लोग अपने पूर्वजों के पिण्ड दान करते हैं ।

बद्रीनाथ मन्दिर के आस पास दर्शनीय स्थल | Badrinath Temple Famous Places

बद्रीनाथ के 1 किलोमीटर की दुरी पर ही है भारत का आखिरी सीमान्तर माणा गाँव पड़ता है । माणा गाँव जाने पर आप यहा 3 या 4 जगह घूम सकते हैं आपको वहा पर व्यास गुफा देख सकते है वहा पर दर्शन करने चले जाए। यही में गणेश गुफा भी है वहा भी दर्शन कर सकते हैं ।
और यही से बोला जाता हैं की पांडव स्वर्ग जा रहे थे और भीम ने एक रास्ते में शिला डाल कर नये पूल का निर्माण किया था। तो आप वहा पर जाकर भी शिला देख सकते हैं । यही पर सरस्वती माता का मंदिर भी बना है और यही पर आपको भारत की आखिरी चाय भी पीने को मिल जाएगी। इन सब जगह घूमने में आपको ज्यादा समय नही लगने वाला हैं । 1 से डेढ़ घंटे में ही आप ये सब जगह घूम सकते हैं ।

बद्रीनाथ के लिये E-PASS की आवश्यकता | Badrinath Dham E Pass

दोस्तों आप कोई भी चार धाम की यात्रा करते है तो आपकों E-PASS बनाना अनिवार्य है।
इस्के लिये आप devasthanam.uk.gov.in की वेबसाइट पर जाकर भी अपना पंजीकरण करा सकते है।

बद्रीनाथ में ध्यान देने योग्य बातें | Badrinath Dham Travel Guide

दोस्तों अगर आप बद्रीनाथ की यात्रा कर रहे हैं तो आप पैकिंग करते समय रेनकोट और थोड़े गर्म कपड़े भी लेकर जाए।
क्योकिं आप को हमने बताया की बद्रीनाथ पहाडों में है तो मौसम कभी भी बदल जाता है और ऐसे में आपको अपनी पूरी तैयारी कर लेनी है।

और जाने से पहले एक बार आपने डॉक्टर से परामर्श जरुर करे, अगर आप किसी भी तरह की दवाईयों का सेवन करते है ।

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केदारनाथ यात्रा कैसे करे | Kedarnath Temple Yatra Kaise Karen

नमस्कार दोस्तों, यात्रा 99 में आपका स्वागत है. हमेशा की तरह आज भी हम आपके लिए एक और शानदार धार्मिक यात्रा की जानकारी लेकर आये हैं. आज की पोस्ट केदारनाथ यात्रा कैसे करे | Kedarnath Temple Yatra Kaise Karen में हम आपको उत्तराखंड के विश्विख्यात धार्मिक मंदिर केदारनाथ की यात्रा की जानकरी लेकर आये हैं. जैसे की आपको पता ही है की हर साल कई लोग केदारनाथ की यात्रा पर जाते है और अगर आप भी इस साल केदारनाथ की यात्रा पर जाने वाले है और इस यात्रा की प्लानिंग कर रहे है तो हम आपको अपने इस आर्टिकल में बताने वाले है की आप किस तरीके से केदारनाथ यात्रा पर जा सकते है और यात्रा पर जाने का कौन सा समय सही रहेगा , केदारनाथ पर रुकने और खाने पीने की क्या व्यवस्था है, केदारनाथ के यात्रा में कितना समय लगता है और केदारनाथ यात्रा में कितना खर्च आता है।

केदारनाथ यात्रा केदारनाथ यात्रा के कपाट कब खुलते हैं | Kedarnath Yatra Opening Date 2022

हमारा देश एक धार्मिक देश है. भगवान् पर लोगों का अटूट विश्वास है. इसीलिए हमारे देश में धार्मिक यात्रा का भी बहुत महत्व है. हर साल करोड़ों लोग धार्मिक यात्राएं करते हैं. और सबके मन में यात्रा को लेकर एक सवाल जरुर होता है की किसी भी धार्मिक मंदिर की शुरुवात कम होती है. लोग अक्सर ऐसे प्रश्नों के जवाब खोजते रहते हैं जैसे केदारनाथ यात्रा केदारनाथ यात्रा के कपाट कब खुलते हैं | Kedarnath Yatra Opening Date 2022, केदारनाथ यात्रा कब तक खुलंगे, आदि.


तो आपको बता दें कि केदारनाथ मंदिर के कपाट वर्ष के मई महीने में खोले जाते हैं. इस वर्ष 2022 में भी 6 मई को सुबह 6:25 बजे शुभ मुहूर्त पर खुल चुका है।

केदारनाथ यात्रा पर कैसे जाए | Kedarnath Yatra Kaise Jaye | Haridwar to Kedarnath Distance

केदारनाथ यात्रा की शूरवात होती है हरिद्वार से। क्योकिं हरिद्वार मुख्य रूप से सभी शहरों के परिवाहन मार्ग से जुड़ा हुआ है।
आप ट्रैंन, बस या फिर अपने गाड़ी से भी हरिद्वार पहुच सकते है। इसके अलावा आप देहरादून या ऋषिकेश से भी केदारनाथ की यात्रा कर सकते है। दोस्तों, हरिद्वार से आपको जाना होता है सोनप्रयाग और इसकी दुरी 235 किलोमीटर के लगभग हैं ।
आप बस के द्वारा भी सोनप्रयाग जा सकते है हरिद्वार में ही बस स्टॉप बना हुआ है जहा सुबह 5 बजे से शाम के 4 बजे तक बस चलती है।

हम आपको 2 तरीके बतायेंगे जहा से आप हरिद्वार से किस तरह सोनप्रयाग तक सफर कर सकते हैं ।

  1. जैसे ही आप हरिद्वार के रेलवे स्टेशन पहुचते है वही पर आपको बहुत सारी ऐसी ट्रैवल एजेन्सी दिखेगी, जहा से आप बस की टिकट ले सकते है।इसके आलवा आप चाहे तो सीधे बस स्टॉप से ही टिकट ले सकते है लेकिन आप बस की टिकट पहले ही ले लेते है तो आपको बस में कोई दिक्कत होने वाली नही है। कभी-कभी बहुत ज्यादा भीड होने के वजह से बस की टिकट मिलने में बहुत दिक्कत हो जाती है। इसके आलावा अगर आप बस की टिकट ऑनलाइन लेना चाहते है तो आप पहले से ही ऑनलाइन टिकट ले सकते है । कोई भी थर्ड पार्टी जैसे RED BUS, MAKE MY TRIP में जाकर आप अपने लिये टिकट ले सकते है। लेकिन यहा हम आपको बता दे की ऑनलाइन बस की टिकट आपको 400 की पड़ेगी और यही टिकट आपको ऑफ़लाइन में 100 से 200 का ज्यादा महेंगा पड़ेगा।
  1. और दुसरा तरीका है की आप हरिद्वार पहुच कर प्राइवेट टैक्सी भी ले सकते हैं । प्राइवेट टैक्सी के खर्चे की बात करे तो 10,000 से 12,000 तक का खर्चा हो सकता है। इसके आलवा अगर आपके पास खुद की गाड़ी है तो आप अपनी गाड़ी से सोनप्रयाग तक जा सकते है।

सोनप्रयाग में ही बहुत बड़ी पार्किंग बनी हूई है जहा आप अपनी गाड़ी खडी कर सकते हैं । अगर आप अपनी कार खडी करते है तो इसके लिये आपकों 100 रुपय और अगर बाइक खडी करते है तो 50 रुपय एक दिन के हिसाब से लगते हैं ।

अगर आप कम खर्च में केदारनाथ यात्रा करना चाहते हैं तो आप बस से ही यात्रा करे ।

केदारनाथ यात्रा

केदारनाथ यात्रा का समय मई से सितम्बर
Haridwar to Kedarnath Distance239 Kms
Dehradun to Kedarnath Distance254 Kms
Rishikesh to Kedarnath Distance216 Kms
Delhi to Kedarnath Distance295
Kedarnath Temperature May | Kedarnath Weather May17 डिग्री
Kedarnath to Badrinath Distance218 Kms

चार धाम यात्रा 2022 में आपकों अगर उत्तराखंड आना है या फिर जो लोग उत्तराखंड के रहने वाले है तो उनको भी चारधाम की यात्रा के लिये e-pass बनवाना अनिवार्य हो गया है । इसके लिये आप अपना e-pass ऑनलाइन बना सकते है।

केदारनाथ यात्रा का पंजीकरण कैसे करे | Kedarnath Yatra Registration

अगर आप केदारनाथ की यात्रा पर जाना जाते है तो आपको पहले पंजीकरण करना पड़ेगा।
इसके लिये आपको चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड की वेबसाइट devasthanam.uk.gov.in पर जाकर पंजीकरण कर सकते हैं ।

केदारनाथ यात्रा कब करनी चाहिये | Best Time to Visit Kedarnath | Kedarnath Temple Yatra Kab Kare

जैसे की आपको पता है दोस्तो की केदारनाथ के कपाट 6 महीने खुले और 6 महीने बंद रहते है। केदारनाथ के कपाट मई के महीने में अक्षय तृतीय में खोले जाते है और दीपावली के आसपास केदारनाथ मन्दिर के कपाट बंद कर दिए जाते है।

अगर आपको यात्रा करनी है तो आपको सबसे अच्छा सितंबर से अक्टूबर के महीने के बीच में यात्रा करनी चाहिये।
क्योकिं इस समय मौसम भी बहुत अच्छा होता है और ज्यादा गर्मी भी नही होती और ज्यादा भीड भी नही होती है।

और अगर आप मई और जून में केदारनाथ यात्रा करने चाहते है तो ये इस यात्रा के लिये ठीक सीज़न होता है और इस महिने में बहुत गर्मी और बहुत भीड भी होती है। भीड होने के कारण रुम का रेंट भी डबल से ट्रिपल हो जाता है। अगर आप मई जून में यात्रा करते हैं तो आपको रुम का किराया 3000 से 4000 के आस पास पड़ता है । और वही आप सितंबर और अक्टूबर में यात्रा करते है तो आपको यही रुम 1000 रुपय का पड़ता है।

यात्रा के लिये ध्यान देने वाली बात

दोस्तों जुलाई ओर अगस्त के महीने में यात्रा करने से बचना चाहिये कयोंकि ये समय मानसून का समय होता है और केदारनाथ मन्दिर बहुत पहाड़ी में है और ऐसे में इस महीने में कभी भी बरसात शुरु हो जाती है कभी भी भूस्खलन हो जाता है।
और इसलिए जुलाई और अगस्त में यात्रा करने से बचना चाहिये।

केदारनाथ यात्रा में रुकने की व्यवस्था | सोनप्रयाग में रुकने की क्या व्यवस्था है |

सोनप्रयाग में बहुत सारे गेस्ट हाउस, होटल और लौज बने हुए है। जहा पर आप रात को रुक सकते है। अगर आप यहा मई और जून में किसी भी गेस्ट हाउस, होटल और लौज के रुम में रुकते है तो रुम का किराया 3000 से 5000 तक भी हो जाता है।

और अगर आप ऑफ़ सीज़न यात्रा करना चाहतें हैं यानी सितंबर और अक्टूबर में यात्रा करना चाहतें हैं तो यही रुम का किराया 1000 से 1500 तक भी हो जाता है।

दोस्तों अगर आप कम खर्च में सोनप्रयाग में रुकना चाहतें हैं तो सोनप्रयाग में ये भी उप्लब्ध है। यहा आपको 350 रुपय में भी नाइट स्टे करने को मिल जाते है। और यही सितंबर और अक्टूबर में आपको ये 100 से लेकर 150 में मिल जाएगी।

हरिद्वार से सुबह आप निकलेंगे तो शाम को सोनप्रयाग अपने बजट के अनुसार पहुच जाएंगे ।

जब आप सोनप्रयाग पहुच कर वहा रात को रुम में रुकते है तो आपको दुसरे सुबह ही 3 से 4 बजे ही उठ जाना होता है क्योकिं आपको यहा से गौरी कुंड जाना होता है।

गौरी कुंड तक जाने के लिये आपको वही से सूमो, सफ़ारी टाइप की गाड़ी मिल जाती है। जो आपसे 30 रुपय/व्यक्ति सवारी लेती है जो आपको गौरी कुंड तक छोड देती है । सोनप्रयाग से गौरी कुंड के बीच का रस्ता 5 किलोमीटर के आसपास है। लेकिन आपको इन गाड़ी के लिये बहुत लंबी-लंबी लाईन लगानी पड़ सकती है।

इसके आलवा सोनप्रयाग से केदारनाथ के लिये घोड़े और ख्चर भी मिल जाते है।

गौरी कुंड पहुचने पर ही आपको वहा पर गौरी माता का मन्दिर दिखेगा। जहा आपको उनके दर्शन कर लेने है। यही पर गौरी कुंड भी है जहा का पानी हमेशा आपको गर्म ही मिलेगा।

यही से केदारनाथ यात्रा के लिये पैदल यात्रा शुरु होती है। जो लोग पैदल यात्रा नही कर सकते हैं उनके लिये ही घोड़े और ख्चर की सुविधा भी उपलब्ध हैं । जिसके लिये आपकों 2300 रुपय देना होगा। और अगर आप पालकी में जाना चाहतें हैं तो आपको इसके लिए 5000 से 6000 रुपय देने होते है। और अगर आप ऑफ़ सीजन में जाते है तो यही घोड़े ख्चर के दाम कम हो जाते है। परंतु ये 2300 रुपय गोवेर्ंमेंट के तरफ़ से तय किये गये हैं ।

केदारनाथ की चढ़ाई में कितना समय लगता है | Kedarnath Yatra Distance Timing

अगर आप पैदल यात्रा कर रहे हैं तो वहा पर बहुत से दुकानें हैं जहा से आपकों एक लाठी ले लेनी है जिससे आपकों पैदल यात्रा करने में आसानी हो जाती है। किसी भी दुकान से ये लाठी आपको 30 रुपय में मिल जाती है। गौरी कुंड से केदारनाथ मन्दिर की दुरी लगभग 16 किलोमीटर के आसपास का है। और अगर आप पैदल यात्रा करते है तो यही दुरी आपको ज्यादा लगेगी जैसे 20 से 21 किलोमीटर ।
क्योंकि जो पुराना रस्ता था वो 16 किलोमीटर के आसपास का था लेकिन 2013 में जो आपदा आयी थी जिससे ये रस्ता खत्म हो गया था और अब जो नया रस्ता बना है वो 20 से 21 किलोमीटर के लगभग है।

केदारनाथ हेलीकॉप्टर बुकिंग 2022 | Kedarnath Helicopter Booking

अगर आप हेलीकाप्टर से यात्रा करना चाहते हैं तो इसके लिये आपको सोनप्रयाग जाने की जरूरत नही है इसके लिये सोनप्रयाग से 15 किलोमीटर पहले एक जगह पड़ती है फाटा । फाटा से ही हेलीकाप्टर की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। अगर आप ऑन सीज़न पर ये यात्रा कर रहे हैं तो आपको अपनी टिकट ऑनलाइन ही बुक कर लेनी है। वैसे फाटा में ही ऑफ़ लाईन ही टिकट बुक हो जाते है। वही पर टिकट काउंटर बना हुआ है।

अगर आप हेलीकाप्टर से यात्रा कर रहे हैं तो इसका टिकट 6000 राउंड ट्रिप के हिसाब से देना होगा। 6000 रुपय में आप केदारनाथ जाएंगे और दर्शन करेंगे फिर आप केदारनाथ से ही हेलीकाप्टर में वापस फाटा आ जाते है।

गौरी कुंड से पैदल यात्रा | Kedarnath Gorikund Paidal Yatra

अगर आप गौरी कुंड से पैदल यात्रा कर रहे हैं तो बीच सफर में ही आपकों बहुत सारे झरने देखने को मिलते है। एक तरफ से आपकों मन्दाकिनी नदी बहती नजर आयेगी। और दुसरी तरफ आप पैदल यात्रा कर सकते हैं । पैदल यात्रा करते हुए ही आपकों रास्ते में खाने पीने की कोई भी दिक्कत नही होती है। क्योंकि रास्ते में ही आपको बहुत सारे दुकानें मिल जाती हैं । जहा आपको परांठा, मैगी और फल मिल जाएंगे।
इसके आलवा आपको जगह-जगह में बाथरूम भी मिल जाएंगे।

दोस्तो अब इसके बाद आप पहुच जाते है बेस केम्प, जहा सारे भक्तों के लिये रुकने और खाने पीने के लिये आश्रय बनाया गया है।

अब यही से केदारनाथ की दुरी मात्र 1 किलोमीटर की रह जाती है। बेस कैम्प- में ही बहुत सारे टेन्ट लगे हुए है जिनका किराया 400 रुपय/ व्यक्ति का देना होता है। इसके आलवा यहा पर गढवाल मंडल निगम लिमिटेड बना हुआ है जहा पर आप रुक सकते है।
यहा पर 3 गेस्ट हाउस बने हुए है । आप इन तीनों में से किसी एक रात के लिये रुक सकते है।

केदारनाथ यात्रा होटल बुकिंग 2022 | Kedarnath Yatra Hotel Room Booking Online

आप इन रुम की बूकिंग ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनो तरीके से कर सकते है। लेकिन ऑफ़ लाईन बूकिंग कराने के लिये 1 प्रतिशत भी चांस नही होता है की आपको वहा पर कोई भी रुम खाली नही मिलते है। इसलिए आप पहले से ही ऑनलाइन बूकिंग कर लीजिये ।
बूकिंग कराने के लिए आपकों गढवाल मंडल निगम लिमिटेड के वेबसाइट में जाकर बूकिंग कराना होता है।

इसके अलावा अगर आप मन्दिर के पास में ही रुकना चाहते है तो मन्दिर के पास ही बहुत सारे होटल और गेस्ट रुम बने हुए हैं ।

अगर आप बेस कैम्प में रुकते है तो आपको यहा पर खाने पीने के लिये 150 रुपय से 200 रुपय की थाली मिल जाती है।
और अगर मन्दिर के पास भी रुकते हैं तो आपको यहा भी 150 से 200 रुपय की खाने की थाली मिल जाती हैं ।

अगर आप बेस कैम्प शाम के 6 बजे पहुच जाते है तो आप अपना समान रख दीजिये और फिर आराम कर लिजिये।
और आराम करने के बाद चले जाईए केदारनाथ मन्दिर में दर्शन करने ।

केदारनाथ मंदिर दर्शन का समय | Kedarnath Temple Darshan Timing

केदारनाथ मंदिर दर्शन का समय सुबह 5 से रात 9 बजे तक है। शाम्ं को 6 बजे केदारनाथ मंदिर में आरती होती है।
आप भी आरती में जरुर जाए और केदारनाथ बाबा के दर्शन करिये। केदारनाथ बाबा के दर्शन्ं सभी भक्तों को बाहर से ही करने होते है क्योकिं शाम के 5 बजे के बाद किसी को अन्दर जाकर दर्शन करने की अनुमती नही होती। इसके लिये आप सुबह जल्दी उठिए और दर्शन करने के लिए लाईन में लगे । इसके लिये आपकों 3 से 4 घंटे भी लग जाते है। और बात करें प्रसाद की तो मंदिर के पास में ही आपकों प्रसाद चढ़ाने के लिये मिल जाता है।

यहा पर आपको 3 तरीके से प्रसाद मिल जाते है। एक 151 रुपय, 251 रुपय और 501 रुपय। आप अपने बजट अनुसार प्रसाद ले सकते है।

भीम शिला दर्शन | Kedarnath Bhimshila Darshan

केदारनाथ बाबा के दर्शन करने के बाद आप भीम शिला भी दर्शन करने जा सकते है। कहते है की जब 2013 में आपदा आयी थी तो इस शिला के वजह से ही मंदिर को कोई भी नुक्सान नही हुआ था इसलिए इसका नाम भीम शिला पड़ा। आपको इसके भी दर्शन कर लेने है।

इनके दर्शन करने के बाद आप चाहे तो भैरव बाबा के दर्शन कर सकते हैं । केदारनाथ से भैरव बाबा का रस्ता 1 किलोमीटर है तो आप पैदल भी जा सकते है। इतना करने पर आप वापस अपने बेस कैम्प में आ जाईए। इसके बाद वही केदारनाथ मंदिर से 8 किलोमीटर की दुरी पर वष्की तालाब । वहा जाकर भी आप उस झील के दर्शन कर सकते हैं । इसके लिये आपकों केदारनाथ मंदिर में 2 रात का नाइट स्टे करना पड़ेगा।

हरिद्वार दे केदारनाथ यात्रा का समय | Haridwar to Kedarnath Yatra

अगर आप केदारनाथ यात्रा का ट्रिप बना रहे हैं तो आपकों हरिद्वार को मिलाकर 5 रात का प्लान करना पड़ेगा।

पहले रात आप हरिद्वार रुकेंगे, दुसरी सोनप्रयाग, तीसरी केदारनाथ मंदिर, चौथी रात आप वापस आयेंगे और सोनप्रयाग में रुकेंगे और फिर पाँचवे दिन हरिद्वार में रुकेंगे।

दोस्तों जब आप केदारनाथ यात्रा की पैकिंग की तैयारी कर रहे हैं तो अपने साथ हमेशा रेनकोट और वूलन कपड़े जरुर रखे क्योकिं केदारनाथ यात्रा में कभी भी बारिश और कभी ठंड पड़ जाती है।

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